में अपराधी जन्म का, नख शिख भरा विकार तुम दाता दुख भंजना, मेरी करो सम्हार
में अपराधी जन्म का, नख शिख भरा विकार । तुम दाता दुख भंजना, मेरी करो सम्हार ॥ हे सतगुरु साहिब, में कई जन्मों से अपराध करते आया हुँ । मेरा पूरा शरीर विकारों से...
Ankit Bansal 1 min read